हस्तमैथुन के क्या नुकसान है ?

नमस्कार दोस्तों,

मुझे उम्मीद है कि सब लोग कुशल -मंगल होंगे.

आज मैं एक मुद्दे पर Discussion करूँगा और वो मुद्दा है कि ” हस्तमैथुन के क्या नुकसान है ????”.हमारे पास रोजाना 20-30 लोगों का सवाल ये ही होता है कि सर हस्तमैथुन के क्या नुकसान है और ये क्यों नही करना चाहिए???

अपने हाथ से लिंग को तेजी के साथ गति देकर वीर्य को निकाल देना ही हस्तमैथुन कहलाता है। हस्तमैथुन को दूसरी भाषा में आत्ममैथुन भी कहते हैं। किशोर अवस्था में अधिकांश युवक हस्तमैथुन की क्रिया को अंजाम देना शुरू कर देते हैं। कई पुरुष अपने मित्रों को हस्तमैथुन करते देखकर खुद भी यह कार्य करने लगते हैं। हस्तमैथुन को बढ़ावा देने वाली वह किताबें भी होती है जो सेक्स क्रिया को जगाती है। हस्तमैथुन वे किशोर व जवान व्यक्ति करते हैं जो आवारा किस्म के, अपनी जिंदगी के बारे में न सोचने वाले तथा अपनी पढ़ाई के बारे में बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते हैं। आजकल लगभग हर युवा पार्ट्नर के अभाव में अपनी सेक्स की इच्छा को मिटाने के लिए हस्तमैथुन को अपनाता है. जिससे वो जाने अंजाने में अपने सरीर को खराब कर लेता है. और कई सेक्स समस्याओं का राजा बन जाता है आज हम आपको हस्तमैथुन से होने वाले नुक़सानों के बारे में बताते हैं. कि हम लोग केसे अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारते हैं ???

आप सभी लोग जानते है की हमारे लिंग में कोई हड्डी नही होती है लेकिन सेक्स के टाइम यह बहुत सख़्त हो जाता है एसा क्यों होता है?? क्या होता है कि जब हम लोग सेक्स करते है या सेक्स करने की भावना मन में लाते है तो कुछ हारमोन Active हो जाते हैं. इन हारमोन का काम लिंग में का काम खून का प्रवाह और प्रवाह दर को बढ़ाना होता है. लिंग में यह खून का प्रवाह छोटी छोटी नसों में होता है. हमारे लिंग में 10-15 हज़ार छोटी छोटी नसें होती है जो सेक्स के टाइम लिंग को मजबूत करती है और ये नसें खून प्रवाह के साथ आकार भी बढ़ा लेती है. और लिंग का साइज़ बढ़ जाता है आप सभी लोगों ने पढ़ा है कि जब दो चीज़ों को रगड़ा जाता है तो गर्मी उत्पन होती है.लोग बहुत बुरे तरीके से हस्तमेथुन करते है .अपने हाथों से बुरी तरह बल लगाते है. जिससे हाथ की हथेली की गर्मी लिंग की नसों को गर्म करती है और लिंग की नसों को बुरी तरह दबाती भी है. हाथ की गर्मी से कुछ नसें दब जाती है और कुछ नसें बिल्कुल ही मर जाती है और इन नसों से खून प्रवाह या तो बंद हो जाता है या बहुत ही कम हो जाता है कुछ दिनों तक हस्तमैथुन का बहुत मज़ा आता है लेकिन शादी के बाद पता चलता है कि मेरा मज़ा लेने का टाइम जा चुका है और अब बारी आती है इन सब परेशानिओ का इलाज खोजने की और पेसे बर्बाद करने की.

आइए अब हम बताते है कि से हम लोग क्या नुकसान कर चुके है!!!

1. ज़्यादा Masturbation करने से यौन अंग कमजोर पड़ जाते हैं।

2. जरूरत से ज़्यादा हस्तमैथुन के कारण व्‍यक्ति सामाजिक जीवन से कटने लगता है। उसे अकेलापन ही अच्‍छा लगने लगता है, जो हानिकारक है।

3. अत्‍याधिक हस्तमैथुन से व्‍यक्ति के यौन अंगों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

4.ज़्यादा हस्तमैथुन करने से पुरुष संभोग करने के काबिल नहीं रहता है

5.अधिक हस्तमैथुन करने से पुरुष का वीर्य ज्यादा पतला हो जाता है और वह संतान पेदा करने के क़ाबिल नही रहता

6. हस्तमैथुन का आदि पुरुष अपनी स्त्री को आनंद नहीं दे पाता है

7.हस्तमैथुन करने से क्या पुरुष मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोरी महसूस करने लगता है

8. अधिक हस्तमैथुन करने की वजह से लिंग एक तरफ झुक जाता है और इस अवस्था में भी किसी पुरुष का लिंग ठीक स्थिति में खड़ा नहीं हो सकता है।

अधिक Masturbation करने की वजह से पुरुष लिंग (शिश्न) के अंदर उत्तेजना पैदा न होना, लिंग का योनि के अंदर प्रवेश न करना, सही तरीके से मिलन न होना, शीघ्रपतन जेसे रोग पैदा हो जाते हैं

अधिक मात्रा में हस्तमैथुन करने से शरीर के अंदर कई प्रकार के रोग पैदा हो जाते हैं जैसे- चेहरे की चमक समाप्त हो जाना, आंखों के नीचे काले गड्डे पड़ जाना, शरीर के विकास का रुक जाना, कमर के अंदर हमेशा दर्द बने रहना, शरीर की कमजोरी, कुछ भी खाने-पीने का मन न करना तथा किसी भी कार्य को करने में जी न लगना आदि लक्षण महसूस होने लगते हैं। कभी-कभी तो हस्तमैथुन करने के कारण बेचैनी, गुस्सा, मानसिक उत्तेजना तथा मन में हीन भावना बढ़ने लगती है।

अब बात करते है इस रोग के समाधान की.क्या कोई एसा डॉक्टर या वैद-हकीम है जो गॅरेंटी के साथ इलाज करता हो???

साइद नही. लेकिन हम लोग लिखित गारंटी के साथ ट्रीटमेंट देते है.