अंडकोषों का छोटा होना और कमजोर होना
नमस्कार दोस्तों,
मुझे उम्मीद है कि सब लोग कुशल-मंगल होंगे.

आज मैं एक मुद्दे पर Discussion करूँगा और वो मुद्दा है ”अंडकोषों का छोटा होना”

हमारे पास रोजाना 100-200 लोगों का यह सवाल होता है कि अंडकोष का साइज़ छोटा रहने का क्या कारण है और इसका क्या इलाज है ??????

आज के युवाओं में सेक्स समस्याओं में एक प्रमुख समस्या है- अंडकोषों का छोटा होना. कुछ लोगों का एक अंडकोष छोटा होता है और कुछ लोगों के दोनो अंडकोष छोटे होते है और कुछ लोग ऐसें होते भी हैं जिनके अंडकोष सही होते है और वहम की वजह से वेसे ही परेशान रहते हैं. बहुत से लोग इस बीमारी से बहुत परेशान है क्योंकि उन लोगों ने बहुत से डॉक्टर्स को दिखा चुके हैं, बहुत सी दवा लें चुके है, वैद और नीम- हकीमों से अपना इलाज करवा चुकें है और बीमारी में कोई भी आराम नही मिला है. मैं आज आप सबको इस बीमारी के बारे में बहुत कुछ बताने वाला हूँ जो मैनें पिछ्ले 15 सालों में जाना है.
सबसे पहले हमको ये पता होना चाहिए कि अंडकोष का साइज़ कितना बड़ा होना चाहिए ?? अंडकोष का साइज़ छोटा होने पर क्या परेशानी होती है??? अंडकोष का साइज़ केसे बढ़ता है???? अंडकोष का साइज़ छोटा रहने का क्या कारण है और इसका क्या इलाज है ??????
आमतौर पर एक इंसान के अंडकोष का साइज़ एक मध्यम आकार के आड़ू की गुठली जितना होता है और दोनों अंडकोष का साइज़ बराबर होता है कुछ लोगों का अंडकोष का साइज़ हल्का सा छोटा भी हो सकता है यदि उनका शरीर का वजन कम है या शरीर कमजोर है. और यदि आपका शरीर का वजन और बनावट सही है और आपके अंडकोष का साइज़ कम है तो आप इस बीमारी से ग्रस्त है.
और अब हम बात करते हैं कि अंडकोष का साइज़ छोटा होने पर एक इंसान को कौन- सी परेशानी का सामना करना पड़ता है. जिस इंसान के अंडकोष का साइज़ छोटा होता है उनके वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बहुत कम होती है और उनके वीर्य में बच्चा पेदा करने की शक्ति नही होती. या शुक्राणुओं की संख्या ज़ीरो होती है. ये लोग संतान पेदा नही कर पाने की वजह से बहुत परेशान रहते हैं. समाज के लोग पति और पत्नी में तरह तरह की कमी बताते हैं, कई बार तो लोग पुरुष को नपुंश्क कहने लगते है और औरत को बांझ कहते है. समाज के लोगो की ऐसी बातों से कई बार तलाक़ भी हो जाता है और पुरुष को समाज में घुट घुट कर रहना पड़ता है. आप लोग ऐसी बातों को अनदेखा कर दें और इस बीमारी के इलाज के बारें में सोचें.
कुछ लोगों के अंडकोष का साइज़ जन्म से ही छोटा होता है लेकिन उम्र के साथ साथ इनका साइज़ नॉर्मल हो जाता है. लेकिन कुछ लोगों के अंडकोष का साइज़ छोटा ही रह जाता है जो बाद में परेशानी का कारण बनता है. कुछ लोगों के अंडकोष का साइज़ सही (नॉर्मल) होता है लेकिन 15-20 की उम्र में वो लोग अपने हाथों का भरपूर प्रयोग करते हैं मतलब वो लोग खूब हस्तमेथुन करते है. कुछ लोग तो एक दिन में 4-5 बार भी अपने हाथों का प्रयोग करते हैं. हस्तमैथुन के समय हाथ के दवाब और हाथ की गर्मी से लिग की नाजुक नसे दब जाती है और कुछ नसे मर जाती है। नसो के मर जाने की वजह से नसो में खून का प्रवाह या तो खत्म हो जाता है या बिल्कुल ही कम हो जाता है। अंडकोष में खून का प्रवाह कम होने से आक्सीजन का प्रवाह भी बहुत कम हो जाता है या रूक जाता है। आप सभी लोग जानते हैं कि शरीर में ऑक्सिजन का सर्क्युलेशन खून से ही होता है और आक्सीजन के बिना शरीर का विकास नहीं हो सकता। हस्तमैथुन के बहुत दुष्प्रभाव है।
कई बार उन लोगों को भी अंडकोष के छोटे होने की समस्या आ जाती हैं जो खेलकूद में चोट का शिकार हो जाते हैं। खेलकूद में भी चोट लगने से नसे्ं दब जाती है जिसकी वजह से भी अंडकोष का विकास रूक जाता है।
अब हम बात करते हैं अंडकोष के साइज़ को रेगुलर करने कि-
सबसे पहला तरीका है कि आप अपने अंडकोष और आसपास की जगह को गरम पानी से धोयें.यहाँ गरम पानी का मतलब है गुनगुना पानी. आप 10-15 मिनिट तक सिकाई करें. उसके बाद आप तोलिये से पोंछ ले और तेल से मालिश करें.आप सरसों के तेल से मालिश करें. बहुत अच्छा परिणाम पाने के लिए आप एक तेल का मिश्रण बना लें जिसकी जानकारी आपको यहाँ दी जा रही है
(लौंग का तेल + जायफल का तेल + मैकंज का तेल + काले तिल का तेल+ दालचीनी का तेल).
अगर आप ये मिश्रण खुद नही बना सकते तो आप हमसे भी ऑर्डर करके मंगवा सकते हैं जो एक लोशन की तरह उपलब्ध है.
अंडकोष के साइज़ को नॉर्मल करने का दूसरा तरीका है अंडकोष और उसके आसपास की जगह में खून के प्रवाह को बढ़ाना और नसों की ब्लॉकेज को दूर करना .अब मन में सवाल उठता है कि खून के प्रवाह को केसे बढ़ाया जाए जाए और ब्लॉकेज को केसे दूर किया जाए.इसके लिए आयुर्वेद में एक बहुत ही आसान सा फ़ॉर्मूला दिया गया है जो इस प्रकार है.
(Asawgandha+Kaunch Beej+Safed Musli+Jayaphal+Satavri+Tej Patta+Shilajit+Kali Mirch+Loh Bhasma+Abhrak Bhasm+Saunth+Kali Musli+Eliachi+Kesar).
आप ये सब जड़ी बूटी सही और बराबर मात्रा में लेकर मिश्रण बना लें और सुबह और शाम 2-3 ग्राम सुबह नाश्ते के बाद घंटे बाद दूध के साथ लें और इतनी ही मात्रा रात के खाने के बाद गरम दूध के साथ लें.अगर आप ये दवा खुद नही बना सकते तो आप हमसे भी ऑर्डर करके मंगवा सकते हैं जो गोली की तरह उपलब्ध है.

अब आपको 7-8 दिन में ही असर आना सुरू हो जाएगा.इस दवा से आपके अंडकोष ओर लिंग की नसों में खून का प्रवाह बढ़ जाएगा जिसे आप खुद भी महसूस करेंगे.इसके बाद आप बाज़ार से अच्छी कंपनी का वॅक्यूम पंप खरीदें.इस पंप से आप अपने लिंग और अंडकोष को थोड़ा थोड़ा खींचें.ध्यान रहें की आप थोड़ा थोड़ा ही खींचें.इससे आपका ब्लड सर्क्युलेशन नॉर्मल होना शुरू हो जाएगा . (ध्यान रहें कि आपको पंप का प्रयोग दवा सुरू करने के 20 दिन बाद शुरू करना है ) वॅक्यूम पंप का प्रयोग एक महीने तक करना है और दवा का प्रयोग आपको 02 महीने तक करना है ताकि आपके इलाज में किसी भी प्रकार की कोई कमी ना रहें.

इस इलाज को करने के एक महीने के बाद आप अपना स्पर्म काउंट चेक करवायें और पहले और बाद का फ़र्क देखें.
दोस्तों ये तो था मेरा एक अनुभव जो मेनें आप सब के साथ शेयर किया.
मैं फिर लिखूंगा एक नई जानकारी को.

अगर आपको कोई भी कैसी भी और कितनी भी पुरानी सेक्स समस्या हो और आप अपनी सेक्स लाइफ को Enjoy नही कर पा रहें तो आप कभी भी किसी भी समय Dr. CM Garg को +919416823496 (Whatsapp Also) पर Contact कर सकते हैं या अपनी समस्या के बारें में लिखकर cmgarg@nightfalltreatment.in पर Mail भी कर सकते हैं और समाधान पा सकते हैं.
सेक्स को अच्छे से एंजाय करना आपके और आपके जीवनसाथी के लिए मजबूरी ही नही चाहत भी है और जीवन की खुशियों का और आपसी संतुष्टि का एक कारण भी है